मिक्की माउस,
मिक्की माउस
कहाँ तुम्हारा हाउस,
बोलो कहाँ तुम्हारा हाउस।
क्या खाते हो क्या पीते हो,
बोलो कहाँ से आते हो,
बिल्ली को तुम नाच नचाते,
फिर कैसे छुप जाते हो।
कार्टून की दुनिया से,
एक दिन बाहर आओगे क्या,
लुक्का छुप्पी भागा दौड़ी,
मेरे संग भी खेलोगे क्या।
मै भागूंगी तुमसे बेहतर,
कभी पकड़ ना पाओगे,
दिन में तारे दिख जायेंगे,
ऐसा चक्कर खाओगे।
फिर तुमको जलपान कराकर,
मै यह तुमसे पूछूँगी,
मिक्की माउस मिक्की माउस,
कहाँ तुम्हारा हाउस,
बोलो कहाँ तुम्हारा हाउस।
रचना - (संगीता पाण्डेय ) ✍️