कभी किसी पर हँसना मत।
सबके दुख बाॅटते रहना तुम,
लेकिन
किसी को दुख मत देना तुम।
सबकी राहों में दीप जलाते रहना तुम,
लेकिन
किसी के दिल को मत जलाना तुम।
सबके आगे आत्मसम्मान से शीश झुकाना तुम ,
लेकिन
कभी किसी को नीचा मत दिखाना तुम।
सबका करते रहना सम्मान तुम,
लेकिन
कभी किसी से ईर्ष्या, द्वेष न रखना तुम।
सदा अपने आचार-विचार को ठीक रखना तुम,
लेकिन
कभी भी बुरे व्यसनों में ना फँसना तुम।
यही है जीवन की रीत,
इसे सदा दिल मे बसाये रखना तुम।
रचना - (अभय तिवारी) ✍️
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