घर जाने पर खुशी से दौड़ कर आये,
वो है प्यारी बेटिया।
थके होने पर कोमल हाथो से सर दबाये,
वो है प्यारी बेटिया।
सबके चेहरे पर जो एक प्यारी सी मुस्कान दे जाए,
वो है प्यारी बेटिया।
हर बात को जो सरलता से मान जाये,
वो है प्यारी बेटिया।
सारे घर को फूलो सा सजाये सवारें,
वो है प्यारी बेटिया।
हर गम और दुःख को जो भूल जाए,
वो है प्यारी बेटिया।
दूर चले जाने पर सबको बहुत रुलाये,
वो है प्यारी बेटिया।
पति की सेवा करके भी जो पिता को ना भुलाये,
वो है प्यारी बेटिया।
सबसे दूर होने के बाद भी जो सबके पास होने का एहसास कराये,
वो है प्यारी बेटिया।
सबके दिलों में अनमोल हीरे की तरह जो बस जाए,
वो है प्यारी बेटिया।
रचना - (अभय तिवारी) ✍️
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